गुरुवार, 7 जनवरी 2016

इक नज़र इधर भी__________

इक नज़र इधर भी_________
कल जैसी थी उन तारीखों का आज भी वही हाल है
कही जलसे तो कही कोई आज भी भूख से बेहाल है
आँखे मूंद भी लू तो कानो को उनकी सिसकिया सुनाई दे
तो कैसे मुख से कह दू की आपको मुबारक़ नया साल है
मैं नहीं कहता मत जश्न करो नहीं कोई खुशियाँ मनाओ
विकास पर इक नज़र प्यार भरी उन पर भी घुमाओ
चमचमाती सड़को पर जो
हमेशा रहते फटेहाल है
तब कहेगा दिल भी आपको मुबारक़ नया साल ह
______”विकास”_______

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