“क्या कहूँ” तुम्हें घटा कहूँ तो आसमां पिघल जाये , तुम्हें हवा कहूँ तो बागबां मचल जाये , मैं किसी भी नाम से तुमको पुकारूँ जानम, जो कोई और कहे जाँ मेरी निकल जाये || शकुंतला तरार रायपुर (छत्तीसगढ़)
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