सोमवार, 12 अक्टूबर 2015

कुछ पल के लिए

कुछ पल के लिए मेरे पास रहो,
धड़कन की तरह मेरे साथ रहो |
जीवन है मेरा काँटों से भरा,
फूलो की तरह मेरी मुस्कान बनो ||
कुछ पल …………………………
कहते है जो मुझको अपना,
छोड़ मुझे वो जाते है |
जाने वाले जाते है,
ठहरो जरा तुम मेरा गीत बनो ||
कुछ पल ………………………….
– सोनिका मिश्रा

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