सोमवार, 5 अक्टूबर 2015

लेकिन क्यों हुआ...!

ना था कुछ तो खुदा था,
कुछ ना होता तो खुदा होता….!!
डुबाया मुझको उन्होनें,
गर मैं ना होता तो क्या होता.–}
अच्छा होता कि मैं मर गया होता…!!
जो हुआ सो हुआ – लेकिन क्यों हुआ,
अच्छा होता कि ये सब ना होता….!!

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