सोमवार, 5 अक्टूबर 2015

दम्भ

दम्भ किस बात का
उंगलियो वाले दो पैर
सीधी कमर
या चर्बी से उबलते पेट का ?

एक ही को चार तरह से
पका सकने की जानकारी,
या मुँह पर उस्तरा चलाने की कलाकारी ।
दम्भ कपडे का है या विज्ञानं का ?

लिख लिख के बड़े भाव जगाये
सही कहा ।
ममता की परिभाषा दी,
खोजा शायद सब,
जीवन का रहस्य ।

सिस्टम बनाया है सोफिस्टिकेटेड
सब तरीके से होगा।
क़ानूनी तरीका अमल होगा
काम असल होगा

किस बात का है दम्भ !
अलग करने की वजहों के अम्बार का
या पशुता के व्यापार का ।

बच्चे तेरे भूखे मरते हैं
माँओं को रौंद दिया जाता है सरहद पार करते
बार बार।
मांस बिकता है जानवर का इंसान की तरह
क्या
क्यों

आँख मूँद कर
झूठे
दुनिया से इतर विचार का
किस बात का ?
– औचित्य कुमार सिंह (05-10-2015)

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