नाता भी कैसा
बददुवां भी कम
तरस आता १
भेदी हो घर
होती है शब्द ग़ुम
रिश्तों का नीवं २
तूफानी हवा
गुजरे तो अंदर
देखता रहा ३
जीता भी हारा
सब से हो अकेला
प्यार से मारा ४
अपनापन
नमक छिड़कता
देखो तमासा ५
दोस्त पड़ोस
परखता तुझे को
चौकना रहो ६
१०/०८/२०१५
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