गुरुवार, 8 अक्टूबर 2015

*दूध दही घी माखन खाओ*

दूध दही घी माखन खाओ
…आनन्द विश्वास

दूध दही घी माखन खाओ,
हृष्ट-पुष्ट बच्चो बन जाओ।
सुनो दूध की लीला न्यारी,
सभी तत्व इसमें हैं भारी।

दूध मलाई जो खाएगा,
बलशाली वह हो जाएगा।
सबसे अच्छा दूध गाय का,
पीकर देखो, चखो जायका।

काजू किशमिश मेवा डालो,
और दूध को जरा उबालो।
थोड़ी चीनी और मिला लो,
झटपट गटको मूँछ बना लो।

मेवे वाली शाही खीर,
सब्जी खाओ मटर पनीर।
मथुरा वाले पेड़े खाओ,
रबड़ी खाओ, खाते जाओ।

और जलेबी देशी घी की,
बिना दूध के लगती फीकी।
गर्म दूध में डालो खाओ,
और पेट पर हाथ घुमाओ।

गाजर हलवा, लौकी हलवा,
रसगुल्ले का देखो जलवा।
तड़के वाली छाछ निराली,
लस्सी पिओ भटिण्डे वाली।

एप्पल मेंगो शेक पिओ जी,
आइस्क्रीम का कप ले लोजी।
दूध पूर्ण भोजन है भाई,
देखो मुनिया टॉफी लाई।
…आनन्द विश्वास

Share Button
Read Complete Poem/Kavya Here *दूध दही घी माखन खाओ*

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें