किस्मत में लिखा होता, अगर खुदा ने उन्हें मेरी; तो उनके दर पे मेरे अाँसू, यूँ ना बिखरते होते। उम्मीद भी थोड़ी होती, उनके लौट आने की ग़र, वो किसी और को, हमनवा ना कह रहे होते।
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