नयनों के तपन से
होठों के कम्पन से
नैकट्य की चाहन से
— हम बँधे हैं
सुइयों की धड़कन से
साँसों की घुटन से
भाग्य विघटन से
— हम बँधे हैं
माया के मन में
आडम्बर के तन में
व्यस्त जीवन में
— हम बँधे हैं
– Uttam Tekriwal
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