।।गज़ल।।क़रीब से देखा तो है।।
आज तेरी आँखों में अज़ीब सा देखा तो है ।।
कभी न मिलने वाला नसीब सा देखा तो है।।
कोई बात नही मेरे हालात न समझे हो तुम ।।
मेरे दिल को तुमने गरीब सा देखा तो है ।।
लोग करते है बेवफाई दिल टूटने के बाद यहा ।।
किये न किये उस तरकीब से देखा तो है ।।
गज़ब के यार हो तुम भी मगर पथ्थर नही लगते ।।
तुम्हारी उन अदाओ को क़रीब से देखा तो है ।।
उत्तर पाया नही है अभी मेरा प्यार तेरी आँखों में ।।
तेरी चाहत को नजरो की जरीब से देखा तो है ।।
…….R.K.M
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