रविवार, 2 अगस्त 2015

वह क्या है ‌

जिसे अाप खुदा कहते हाे
जिसे अाप गड कहते हाे
जिसे अाप भगवान कहते हाे
अाैर जिसे अाप अल्लाह कहते हाे
अाखिर वह क्या है
पुछा किसीने
मै उत्तर देता हुँ
भइ वह क्या है
वह अाैर कुछ नही
अपने अपने अास्था के रस्सी है‌
भाइयो अास्था की रस्सी मत ताेडना
अाैर किसी के रस्सीकाे ताेडकर
अपने अास्थाके रस्सी पर वह रस्सी
मत जाेडना
अास्था अाखिर अास्था है
उसकाे कभी मत छोडना ।

Share Button
Read Complete Poem/Kavya Here वह क्या है ‌

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें