रविवार, 2 अगस्त 2015

।।ग़ज़ल।।तबाह हो जायेगा तू।।

।।ग़ज़ल।।तबाह हो जायेगा तू।।

जब किसी हशीना की निगाह हो जायेगा तू ।।
फ़िक्र मत कर ऐ दोस्त तबाह हो जायेगा तू ।।

इक अदा, इक हँसी, इक याद के बदले दोस्त।।
लम्हा लम्हा, तन्हा का आगाह हो जायेगा तू ।।

मांगकर लाओगे जन्नत की ख़ुशी उसके लिये ।।
मगर अपनी ही जिंदगी से बेपरवाह हो जायेगा तू ।।

माना की बदनामियों का खौफ़ न होगा तुमको ।।
और उनके दिलो का शहंशाह हो जायेगा तू ।।

यकीनन आयेगे तेरे हिस्से में ख़ुशी के दो पल ।।
पर गमो के हर पल का गवाह हो जायेगा तू ।।

………R.K.M

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