।।हाइकू।।छोटी बिटिया।।
बरसे बादल
फिर ढही दिवाले
इंद्रधनुष ।।
छप्पर से ही
मटमैली आँखों में
टपकती है ।।
दो दो करके
धाराये बौछारों की
सरपत से ।।
छोटी बिटिया
सुलगती उपले
तेल का डिब्बा ।।
माचिस पर
ढुरका बरबस
आँख का पानी ।।
झल्लाती है माँ
ममता का संचार
रुकी आहत ।।
देख दीनता
छुपता न तो कैसे
सूर्य नभ में ।।
——— R.K.M
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