शनिवार, 8 अगस्त 2015

दिल तेरा मोहताज नहीं

तुझे खोने का दर्द तो है
पर दर्द के खयालात नहीं
याद आती है तू न मुझको
या तेरी कोई बात नहीं

मतलब तुझसे रहा नहीं
अब तू कोई सरताज नहीं
हाथों में चाहे हाथ नहीं
पर दिल ये तेरा मोहताज नहीं

# तुषार गौतम ” नगण्य “

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